अध्याय 734: काश मैं डायलन को मार पाता!

दर्शक दीर्घा में बैठी भीड़ भी बोल उठी—

“हाँ, इसे यूँ खींचने का क्या मतलब है?”

“इतनी हाथ-पाँव मारने का क्या फायदा?”

“डायलन ने जो वकीलों की टीम रखी है, वो भी बड़ी ‘दिलचस्प’ है। ऐसे आदमी का बचाव आखिर क्यों करेंगे? आज से इस लॉ फ़र्म को मैं अपनी ब्लैकलिस्ट में डाल रहा/रही हूँ!”

अदालत के बाहर भी मीडिय...

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